ग़ज़ल
शहर में उसके जो आया लुटना था उसका लाज़िमी इसका अब क्या करें लुटकर कोई जाता ना था लफ़्ज़... Read more Read More
शहर में उसके जो आया लुटना था उसका लाज़िमी इसका अब क्या करें लुटकर कोई जाता ना था लफ़्ज़... Read more Read More
आंधियों ने चिमनियों को दिला दिया यक़ीन हम आ गयीं तो क्या तुम्हें बझने नही देंगे तुमसे तुम्हारा हुनर नहीं ... Read more
किसी भी मोड़ से मुझको न अब सदा देना। तमाम नक़्श मुहब्बत के तुम मिटा देना।। चलो तबाही पे ... Read more
तेरी बाहों में गुजार कर एक अय्याम देखूंगा तेरा दिल के आसमान पर लिख कर नाम देखूंगा देखूंगा होती ... Read more
मिर्जा गालिब का नाम कौन नहीं जानता। हर मोहब्बत करने वाला आशिक मिर्जा गालिब के शेर, शायरी और गजल जरूर... Read more
सवाल हूं मैं तो जवाब बन जा गर नींद हूं मैं तो ख्वाब बन जा मैंने ढूंढा है बहुत कोहसारों ... Read more
प्रेमचंद जयंती 31 जुलाई पर विशेष:कलम के सिपाही कभी तटस्थ नहीं होते ! वेदव्यास कभी हिंदी के मूर्धन्य... Read more