माँ-बाप की ख़िदमत: हर इबादत से ऊँचा मक़ाम
माँ-बाप की ख़िदमत इस्लाम में अल्लाह के बाद सबसे बुलंद मक़ाम रखती है। हदीस में आया है कि वालिदैन की सेवा करने वाला वही सवाब पाता है जो हज-उमरे या जिहाद से मिलता है — इसलिए दीन का असली मतलब अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभाना है। Read More
