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ग़ज़ल

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हज़ार कर पहले  तो प्यार कर  फिर तू  एतबार  कर बे  रंग   ज़िन्दगी   में  रंगों  से   प्यार  कर करने  की ... Read more Read More

ग़ज़ल

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गुलाब  आज  भी सबको  हसीन  लगता है पुराना  दोस्त  पुराना  सा   कमीन लगता है बदलता  कुछ  भी नहीं  इल्म ओर... Read more

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ख्यालों की तपिश

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ख्यालों की तपिश हवस  इतनी  सी  के चूम  लूं  सुलगती हुई  आंखें तुम्हारे साथ पल इतना भी मिल जाए तो... Read more

ग़ज़ल

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मेरी कोशिशें दिखती नहीं है   किन आलमों  की  मख़लूक  हो तुम फितरत  ज़रा  भी  बदलती  नहीं  है मेरी  प्यास  देखो  बढ़ी  जा  रही  है उमर  के  तक़ाज़ों  से रुकती नहीं है कहानी  तो  होती   है  सबकी  मगर रिसालों  में  सबकी  छपती  नहीं  है बदलती   है  निय्यत  हर  पल   यहां नक़ाबों  के  पीछे  से दिखती... Read more

बहिश्त का ख़ज़ाना है

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  छुड़ा कर अपनी अंगुली  को बताना चाहता है वो तलाशे ज़िन्दगी  में  उसको भी  ज़ोहर दिखाना है सनम खाने... Read more

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ग़ज़ल दिल का सूना पन कुछ शोर चाहता है रात का अंधेरा भी इक भोर चाहता है लालच इस  क़दर ... Read more

ग़ज़ल

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उनकी मोहब्बत  का मयार  तुम क्या जानो ख़्याल  रखता  हूं के इज़हार  ना  होने पाए ग़म लकीरों  में बयां  होता तो कर  भी लेता देखना  ये  कभी  अखबार   ना   होने  पाए दिल खुश रखने के  काम भी  करता हूं... Read more

गंगा बहाईये

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    चूल्हे  की  आग  पेट  में  अपने  जलाईये कुछ अधजली  लकड़ियां  मुंह में दबाइये हल्का अंधेरा पी के  उगल ... Read more

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हर कण मुझे दे दो

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  तुम्हारी  सुरमई आंखों  में  चिनगारी  सुलगने  दो सुलगने दो तुम्हारी देह की इच्छा ओं को खुलकर तरसने  पाऐ  ना ... Read more

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