Loading...

उत्तर भारत और दक्षिण भारत में लोकसभा सीटों को लेकर मामला गरमाया

Jaipur

Follow us

Share

  • आंध्रप्रदेश सरकार देगी तीसरी संतान लड़की होने पर 50 हज़ार रुपये, लड़का हुआ तो गाय गिफ्ट

जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। देश की लोकसभा सीटों के परिसीमन को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों और उत्तर भारत के राज्यों के नेताओं के बीच माहौल गर्म होता नजर आ रहा है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि 2026 में लोकसभा सीटों का परिसीमन जनसंख्या के आधार पर किया जाता है तो विरोध किया जाएगा। क्योंकि दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसलिए दक्षिण भारत के राज्यों में लोकसभा सीटे नहीं बढ़ पाएंगी और उत्तर भारत के राज्यों में जनसंख्या तेजी से बढ़ी है तो वहां लोकसभा सीटों में भारी वृद्धि होना तय है। दक्षिण भारत के राज्यों के नेताओं को चिंता है कि संसद में उनके राज्यों का प्रतिनिधित्व घट जाएगा और उत्तर भारत का दबदबा संसद में बढ़ जाएगा। ऐसी स्थिति में दक्षिण भारत के राज्यों के साथ पक्षपात का व्यवहार शुरू हो सकता है। इसलिए दक्षिणी राज्यों की सरकारें अपने लोगों से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील कर रही हैं । आंध्र प्रदेश सरकार ने तीसरी संतान पैदा करने पर इनामों की घोषणा की है। आंध्र सरकार ने तीसरा बच्चा लड़का पैदा होने पर एक गाय एवं तीसरा बच्चा लड़की पैदा होने पर 50,000 रुपये नकद देने की घोषणा की है। इसलिए 2026 में परिसीमन से पहले दक्षिण एवं उत्तर भारत के राज्यों में टकराव शुरू हो सकता है। केंद्र की भाजपा सरकार के लिए दक्षिण एवं उत्तरी राज्यों के बीच सर्वमान्य हल निकालना बड़ी चुनौती होगा। लोकसभा में अभी 543 लोकसभा सीटे है। नई लोकसभा भवन में करीब 700 सांसदों की सीटों इंतजाम किया है। इसलिए कहा जा सकता है कि 2026 के परिसीमन में करीब 157 लोकसभा सीटों की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे पहले 2002 में परिसीमन हुआ था लेकिन लोकसभा सीटों को नहीं बढ़ाया गया था। उससे पहले 1974 में परिसीमन किया गया था तब लोकसभा में 522 लोकसभा सीट थी।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।