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जयपुर

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भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद में अमेरिका ने 50% तक शुल्क लगाया। इसमें 25% रेसिप्रोकल और 25% अतिरिक्त टैरिफ शामिल है। भारत ने इसे अनुचित बताते हुए छोटे उद्योगों व किसानों के हितों की रक्षा का भरोसा दिया और नए विदेशी बाज़ारों में व्यापार विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाए। Read More

हिंदुस्तान को मंगोलो के प्रकोप से बचाने वाला बादशाह

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अलाउद्दीन खिलजी, जिसे अक्सर सिर्फ क्रूर शासक माना जाता है, असल में हिंदुस्तान को मंगोलों के प्रकोप से कई बार बचाने वाला बादशाह था। 1297 से 1306 के बीच मंगोलों ने छह बार हमला किया, लेकिन खिलजी ने हर बार उन्हें पीछे हटने पर मजबूर किया। सिरी किले में 8000 मंगोलों के सिर चुनवाना उसकी कठोर नीति का उदाहरण है।

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माँ बाप के हुकूक

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यूरोप से शुरू हुआ ओल्ड एज होम का सिलसिला आज भारत तक पहुँच गया है। माता-पिता का सम्मान सिखाने वाले समाज में भी 4000 से अधिक ओल्ड एज होम हैं। असल वजह है धर्म से दूरी और पश्चिमी सोच का असर। इस्लाम माँ-बाप की सेवा को सबसे बड़ा हक़ मानता है।

देवबंद और स्वतंत्रता संग्राम: भारतीय देशभक्ति का एक विस्मृत अध्याय

दारुल उलूम देवबंद ने स्वतंत्रता संग्राम में आध्यात्मिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर नेतृत्व किया। शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन और मौलाना मदनी जैसे विद्वानों ने अंग्रेज़ों का विरोध किया और हिंदू-मुस्लिम एकता को मज़बूत किया। यह अध्याय भारतीय मुसलमानों की देशभक्ति का अहम सबूत है।

शिक्षा की अलख जगाने वाले प्रमुख बैरिस्टर बदरुद्दीन तैयब जी

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बदरुद्दीन तैयब जी का जन्म 1844 में बंबई में हुआ। वे पहले भारतीय बैरिस्टर बने और बाद में बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश भी नियुक्त हुए। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्य व तीसरे अध्यक्ष रहे। उन्होंने अंजुमन-ए-इस्लाम कॉलेज और इस्लाम जिमखाना की स्थापना कर शिक्षा व समाज सुधार को बढ़ावा दिया। महिला शिक्षा के हिमायती होने के कारण उन्होंने अपनी बेटियों को इंग्लैंड तक पढ़ने भेजा। 1906 में…

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आखिर मुसलमान इंसाफ की उम्मीद किससे रखें ?

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देश में मुसलमानों के संवैधानिक अधिकार लगातार निशाने पर हैं। भाजपा शासित राज्यों की नीतियों से रोज़गार, शिक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। मदरसों का बंद होना, रोज़गार छिनना, मस्जिदों और दरगाहों पर हमले, तथा भेदभावपूर्ण कानूनों ने मुसलमानों को असुरक्षित कर दिया है। न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं की खामोशी से सवाल उठता है कि आखिर मुसलमान इंसाफ की उम्मीद किससे रखें?

एनडीए ने सी.पी. राधाकृष्णन को बनाया उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार

नई दिल्ली

एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व समेत सहयोगी दलों ने उनका समर्थन किया। राधाकृष्णन पूर्व में झारखंड और तेलंगाना के राज्यपाल रह चुके हैं और 1998-99 में कोयंबटूर से सांसद चुने गए थे। उनका राजनीति में चार दशक से भी अधिक का अनुभव है।

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दार-अल-अरकम पब्लिक स्कूल में ध्वजारोहण किया

जयपुर

जयपुर के दार-अल-अरकम पब्लिक स्कूल में स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह से मनाया गया। विद्यार्थियों ने ध्वजारोहण किया और देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने घर से बनाए प्रोजेक्ट्स और रंग-बिरंगी वेशभूषा से सबका मन मोह लिया। शहीदों के बलिदान पर आधारित प्रस्तुतियों ने सभी को भावुक कर दिया। अंत में बच्चों को मिठाई बांटी गई।

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