क्या चार दीवारी से अवैध डेयरी हटा पाएगा नगर निगम ?
- अवैध संचालकों से नगर निगम अधिकारियों एवं कर्मचारियों से एकस्ट्रा आमदनी होती है।
- भाजपा नेताओं ने अवैध डेयरी हटाने के लिए बैठक जरूर की है लेकिन अवैध डेयरी हटा नहीं पाएंगे।
जयपुर (रॉयल पत्रिका)। जयपुर के पुराने शहर में अवैध डेयरी पालन धड़ल्ले से हो रहा है। अवैध डेयरीयों में पलने वाली गायें चलते ट्रैफिक, बाजार एवं आबादी में मुश्किल खड़ी कर रही है। हेरिटेज नगर निगम में वैसे तो आवारा पशु पकड़ने की बड़ी टीम है, लेकिन यह टीम जयपुर में अवैध डेयरीयों से पशुओं को अभी तक नहीं हटा पाई है। अवैध डेयरीयों को लेकर पहली बार बाबा हरिशचंद्र मार्ग पर बैठक हुई, जिसमें भाजपा के पूर्व विधायक मोहनलाल गुप्ता और किशनपोल विधानसभा से विधायक प्रत्याशी चंद्र मनोहर बटवाड़ा मौजूद थे। बैठक में दोनों ने ही लोगों को आश्वासन दिया कि अवैध डेयरियों पर जल्द ही कार्यवाही होगी। लेकिन कार्यवाही कब होगी? इसका आश्वासन नहीं दिया गया है। यह स्थिति तब है जब जयपुर हेरीटेज में महापौर भाजपा की है और प्रदेश में भाजपा की सरकार है।
- क्यों नहीं हट सकती अवैध डेयरीयां :-
शहर की चार दिवारी में दर्जनों अवैध डेयरीयां हैं। नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अवैध आमदनी का जरिया है। दूसरी तरफ गाय पालकों के लिए डेयरी का व्यवसाय बड़ी कमाई वाला है। यह डेयरी पालक इस कमाऊ व्यवसाय को बचाने के लिए गायों के धार्मिक महत्व का हवाला एवं भाजपा का वोट बैंक होने के कारण कार्यवाही नहीं होने देते हैं। भाजपा के लिए गाय वैसे भी एक चुनावी मुद्दा रहता है। इसलिए कानून एवं लोगों की परेशानियों को सरकार नजर अंदाज करती है। जयपुर की चार दिवारी क्षेत्र में नगर निगम में भ्रष्टाचार,गायों का धार्मिक महत्व और भाजपा के लिए चुनावी मुद्दा होने के कारण अवैध डेयरीयों को हटाना आसान नहीं है। नगर निगम में कई अच्छे अधिकारियों ने अवैध डेयरीयां हटाने की कोशिश की थी लेकिन राजनीतिक दबाब के चलते उनकों पीछे हटना पड़ा। इसलिए डेयरीयों के कारण नुकसान झेल रहे व्यापारियों, पीड़ितों एवं भाजपा नेताओं ने अवैध डेयरीयों को हटाने के लिए बैठक जरूर की है लेकिन अवैध डेयरीयों को हटा नहीं पाएंगे।
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।
