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अमेरिका का हस्तक्षेप कश्मीर मुद्दे पर काभी स्वीकार्य नहीं हो सकता है – डोटासरा

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जयपुर,(रॉयल पत्रिका)। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, जयपुर पर प्रेस से वार्ता करते हुये कहा कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने देश के निर्दोष 26 नागरिकों की हत्या की जिसके पश्चात् पूरा देश उद्वेलित था और सभी इन आतंकवादियों एवं आतंकवादियों को पनाह देने वाले देश विरोधी ताकतों के विरूद्ध कार्यवाही करने की मांग कर रहे थे तथा कांग्रेस पार्टी सहित समूचे विपक्ष ने केन्द्र सरकार को कार्यवाही करने हेतु समर्थन दिया था। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने अपने शौर्य एवं पराक्रम का प्रदर्शन करते हुये आतंकवादियों के ठिकाने ध्वस्त किये जिस पर सभी देशवासियों को गर्व है। उन्होंने कहा कि अचानक हुये आश्चर्यजनक घटनाक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिखा गया कि भारत और पाकिस्तान के मध्य युद्ध विराम पर सहमति बना दी है और उसके पश्चात् भारत सरकार ने भी युद्ध विराम की घोषणा कर दी, जबकि अमेरिका जैसे देश की मध्यस्ता अथवा हस्तक्षेप क्यों होने दिया गया इसका खुलासा आज तक केन्द्र सरकार द्वारा नहीं किया गया है, इसके साथ ही शर्म का विषय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया संदेश में भारत और आतंकवादियों को पालने वाले पाकिस्तान को एक पलड़े में रखा, इससे भी ज्यादा शर्मनाक यह है कि पहली दफा कश्मीर मुद्दे को सुलझाने में अपना हस्तक्षेप करने की बात भी कही गई जिसका खण्डन केन्द्र सरकार द्वारा आज तक नहीं किया गया, इसलिये कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाकर और लोकसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रधानमंत्री स्वयं इस घटनाक्रम पर जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने हस्तक्षेप व युद्ध विराम करने की बात कही है और कश्मीर मसले को सुलझाने में अपना हस्तक्षेप करने का कहा है, पर समस्त जानकारी जनता के समक्ष रखें और जो भी घटनाक्रम हुआ है या बातचीत अमेरिका से हुई उसका खुलासा देश के सामने करें।

डोटासरा ने कहा कि नोटबंदी जैसे मामले पर प्रधानमंत्री ने स्वयं देश को सम्बोधित किया था, किन्तु इतने बड़े घटनाक्रम पर जहॉं अमेरिका द्वारा भारत और पाकिस्तान को एक ही पलड़े पर रखकर युद्ध विराम की घोषणा कर दी गई और अब कश्मीर मुद्दे पर भी हस्तक्षेप की बात रखी है, इस घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जो प्रधानमंत्री बनने से पहले टीवी चैनल को इन्टरव्यू में पाकिस्तान के विरूद्ध अमेरिकी सरकार को यूपीए द्वारा शिकायत करने का विरोध करते थे, अब कोई वक्तव्य नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका का हस्तक्षेप कश्मीर मुद्दे पर कभी स्वीकार्य नहीं हो सकता, क्योंकि भारत की नीति रही है कि द्विपक्षीय विवाद में किसी तीसरी शक्ति की मध्यस्ता स्वीकार नहीं की जायेगी, किन्तु पूर्ववर्ती सरकारों की इस नीति पर क्या आज मोदी सरकार कायम है, यह जानकारी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को लोकसभा का विशेष सत्र बुलाकर देनी चाहिये और अमेरिका के हस्तक्षेप से संबंधित समस्त जानकारी राष्ट्र से स्वयं को साझा करनी चाहिये।

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विधानसभा अध्यक्ष विधायक कँवरलाल मीणा की सदस्यता रद्द करने का निर्णय क्यूँ नहीं ले रहे ?

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डोटासरा ने कहा कि अंता विधानसभा क्षेत्र से विधायक  कंवरलाल मीणा को आपराधिक मुकद्में में दी गई तीन वर्ष की सजा को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा बरकरार रखा गया और माननीय उच्चत्तम न्यायालय द्वारा इस फैसले के विरूद्ध प्रस्तुत अर्जी को भी खारिज कर दिया गया है, किन्तु विधानसभा अध्यक्ष ने विधायक की सदस्यता को निरस्त करने का निर्णय नहीं लिया है, जबकि नियमानुसार दोष सिद्ध होने पर विधायक की सदस्यता स्वत: ही निरस्त होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि दिनांक 05 मई, 2025 को कांग्रेस पार्टी द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के नाम विधायक  कंवरलाल मीणा की सदस्यता समाप्त करने के लिये ज्ञापन भी सौंप दिया गया था, किन्तु विधानसभा अध्यक्ष महोदय द्वारा इस प्रकरण को ठण्डे बस्ते में डालकर निर्णय नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा आगामी 24 घण्टे में विधायक की सदस्यता समाप्त करने का निर्णय नहीं लिया गया तो कांग्रेस पार्टी आन्दोलन तथा विधिक् कार्यवाही करने हेतु निर्णय लेने के लिये विचार-विमर्श करेगी। उन्होंने कहा कि एक ओर तो गुजरात की अदालत द्वारा गुजराती भाषा में पारित निर्णय का पढक़र लोकसभा से 24 घण्टे के अंदर कांग्रेस नेता  राहुल गॉंधी की लोकसभा सदस्यता को समाप्त कर दिया गया था, दूसरी ओर भाजपा शासन में लगभग 25 दिन बीतने के पश्चात् भी दोष सिद्ध होने पर विधायक की सदस्यता पर निर्णय नहीं लिया जा रहा है।

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