Loading...

एसडीपीआई की इफ्तार पार्टी में देश में अमन-भाईचारे की दुआ

Jaipur

Follow us

Share

जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। रविवार को एसडीपीआई राजस्थान ने अपने स्टेट ऑफिस में रमज़ान इफ्तार पार्टी का आयोजन किया, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और महत्वपूर्ण नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में देश में अमन और भाईचारे की दुआ की गई और एसडीपीआई के विभिन्न नेताओं ने संविधान की हिफाज़त की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एसडीपीआई हमेशा हर वर्ग के अधिकारों की रक्षा करती रहेगी और देश के लिए काम करती रहेगी। रोज़ा इफ्तार के बाद पार्टी के नेताओं ने वक्फ जायदाद बिल को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वक्फ की ज़मीन, जो मुसलमानों के पूर्वजों की जायदाद है, को किसी भी सरकार द्वारा छेड़छाड़ करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। नेताओं ने वक्फ संशोधन बिल को अस्वीकार करते हुए इसे मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर हमला बताया। कार्यक्रम में हाल ही में ईडी द्वारा एसडीपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम के फैज़ी की गिरफ्तारी और पार्टी के विभिन्न राज्य कार्यालयों पर किए गए छापे की भी आलोचना की गई। नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी के इशारे पर काम करने वाली ईडी पार्टी के नेताओं की आवाज़ को दबाने के लिए ये कदम उठा रही है। उन्होंने इसे तानाशाही सरकार का गलत इस्तेमाल करार दिया। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने संविधान की रक्षा और नागरिक अधिकारों के लिए अपनी आवाज़ उठाई और कहा कि एसडीपीआई हमेशा लोकतंत्र और समाज के हर वर्ग की सुरक्षा के लिए लड़ती रहेगी। इस अवसर पर एसडीपीआई के राष्ट्रीय महासचिव इलियास मोहम्मद तुम्बे, राष्ट्रीय महासचिव यास्मीन फारूकी, अध्यक्ष अशफाक हुसैन, महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अज़हर तम्बोली, राजस्थान प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. शाहबुद्दीन खान, नेशनल कोर्डिनेटर भीम आर्मी मोहन लाल बैरवा, सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट चैतन बैरवा, भीम आर्मी सांगानेर दीपक सुरेंद्र और अन्य प्रमुख नेता मौजूद रहे।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।