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कोटा के डॉ. ने डेनमार्क में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किया घुटना प्रत्यारोपण पर शोध

कोटा

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कोटा, (रॉयल पत्रिक)। कोटा मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के ऑर्थोपेडिक विभाग के अंतिम वर्ष के रेजीडेंट डॉ. एकांश करीर ने कोपेनहेगन (डेनमार्क) में 12 से 14 मई तक आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन सर्जरी एंड एनेस्थीसिया में घुटना प्रत्यारोपण से जुड़ा महत्वपूर्ण शोध प्रस्तुत किया। डॉ. करीर के शोध का विषय था – टोटल नी रिप्लेसमेंट (पूर्ण घुटना प्रत्यारोपण) के बाद दर्द कम करने और मरीज की गतिशीलता बढ़ाने हेतु “डेलुरी कॉकटेल” बनाम “रणावत कॉकटेल” का तुलनात्मक अध्ययन। इस शोध से यह निष्कर्ष निकला कि डेलुरी कॉकटेल का उपयोग करने से ऑपरेशन के बाद मरीजों को अपेक्षाकृत कम दर्द होता है और वे जल्दी से घुटने की हलचल शुरू कर पाते हैं।

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यह नई खोज घुटना प्रत्यारोपण चिकित्सा में एक नई दिशा खोलती है, जिससे मरीजों को सर्जरी के बाद अधिक राहत और बेहतर रिकवरी मिल सकती है। यह शोध वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. आर.पी. मीणा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।डॉ. एकांश की इस उपलब्धि से न सिर्फ कोटा मेडिकल कॉलेज का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है, बल्कि घुटना प्रत्यारोपण क्षेत्र में अनुसंधान और उपचार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण योगदान सिद्ध हुआ है।

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