जयपुर के मुस्लिम समाज ने एकजुट होकर की पहलगाम हमले की निंदा
- मदरसे से लेकर सड़कों तक गूंजा अमन का पैगाम
जयपुर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में शुक्रवार को जयपुर में मुस्लिम समाज की ओर से एकजुटता और देशभक्ति की अनूठी मिसाल पेश की गई। एक ओर जहां नाहरी का नाका स्थित मदरसा जामिया तय्यबा मेमोरियल स्कूल में शांति और सौहार्द के लिए विशेष बैठक का आयोजन हुआ, वहीं दूसरी ओर बड़ी चौपड़ पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने आतंकवाद और पाकिस्तान प्रायोजित हिंसा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मदरसे में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता मदरसे के डायरेक्टर कारी मोहम्मद इसहाक ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय मुस्लिम महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद साहिबे आलम, राजस्थान उर्दू शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अमीन कायमखानी और पूर्व पार्षद हाजी नवाब अली चिरानिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वक्ताओं ने पहलगाम आतंकी हमले की कठोर निंदा करते हुए कहा कि यह समय नफरत नहीं, बल्कि एकता और भाईचारे का है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और इसे किसी भी मजहब से जोड़ना नासमझी है। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों ने मिलकर शांति की दुआ मांगी और शहीदों के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की। मदरसे के मंच से उठी यह आवाज़ इस बात की गवाही थी कि देश का मुस्लिम समाज आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट है और अमन का पैगाम देने के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं, जयपुर के बड़ी चौपड़ पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने प्रदेश अध्यक्ष हमीद खान मेवाती के नेतृत्व में आतंकियों का पुतला फूंका और पाकिस्तान के झंडे को जलाकर कड़ा विरोध जताया। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और ‘भारत जिंदाबाद’, ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाते हुए आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हमीद खान मेवाती ने कहा, “भारत में हिंदू-मुस्लिम एकता ही हमारी असली ताकत है, और पूरा मुस्लिम समाज आतंकवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पाकिस्तान को कड़ा संदेश देना इस लड़ाई में एक निर्णायक कदम है।” उन्होंने बताया कि जुम्मे की नमाज़ के बाद शहर की मस्जिदों में भी आतंकवाद के खिलाफ विशेष दुआ की गई और विरोध दर्ज कराया गया। इस विरोध प्रदर्शन में मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हुसैन खान, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एम. सादिक खान, रेशमा हुसैन, फिरोज़ खान, हिदायत खान, अब्दुल अज़ीज़, परवेज़ खान, मजीद पठान सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इन दोनों कार्यक्रमों ने यह साफ कर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ देश का मुस्लिम समाज पूरी मजबूती से खड़ा है। चाहे मंच हो या सड़क, हर जगह से यही पैगाम गया कि भारत में अमन, एकता और भाईचारा ही सर्वोपरि है।
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