खोले के हनुमान जी मंदिर रोप वे पर- अवैध अतिक्रमण हटाया गया
-वन विभाग की बड़ी कार्रवाई – धार्मिक आस्था की आड़ में फैला था व्यवसायिक कब्जा
जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। जयपुर में खोले के हनुमान मंदिर क्षेत्र में लंबे समय से अवैध अतिक्रमण को लेकर मिल रही शिकायतों पर आखिरकार बड़ी कार्रवाई हुई है। मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) जयपुर टी. मोहनराज के सुपरविजन में, और डीएफओ प्राची चौधरी की अगुवाई में, वन विभाग ने अन्नपूर्णा मंदिर से लेकर वैष्णो देवी मंदिर तक रोपवे मार्ग पर अवैध निर्माणों को हटाया। खोले के हनुमान मंदिर के रोपवे क्षेत्र में अन्नपूर्णा मंदिर से वैष्णो देवी मंदिर तक अवैध रूप से चल रहे रेस्टोरेंट, जिप लाइन, फिश स्पा, बॉडी मसाज सेंटर, प्रसाद की दुकानें, ह्यूमन गायरो, मसाज चैयर और स्काई साइकिल जैसे कई व्यावसायिक ढांचे धड़ल्ले से चल रहे थे। धार्मिक पर्यटक स्थल की आड़ में इस क्षेत्र को मुनाफे का बाजार बना दिया गया था, जिससे ना केवल वन भूमि का अतिक्रमण हो रहा था, बल्कि जैव विविधता और पर्यावरण को भी खतरा पहुंच रहा था। वन विभाग ने सख्ती बरती।और कार्रवाई में अवैध निर्माण हटाए गए हैं। ये वन भूमि है और इसका व्यवसायिक उपयोग पूरी तरह गैरकानूनी है।” जानकारी के अनुसार, यह पूरा क्षेत्र वन भूमि के अंतर्गत आता है, और किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि के लिए न तो अनुमति ली गई थी और न ही कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।

वन विभाग की इस सख्त कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।

टी. मोहनराज, मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव), जयपुर: “यह अभियान वन क्षेत्र की सुरक्षा और धार्मिक आस्थाओं की मर्यादा बनाए रखने के लिए जरूरी था। भविष्य में ऐसे किसी भी अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” वन विभाग की यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है कि धार्मिक स्थलों की आड़ में चल रहे अवैध धंधे अब नहीं चलेंगे। अब देखना होगा कि क्या अन्य धार्मिक व पर्यटक स्थलों पर भी ऐसी ही कार्रवाई होगी?
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