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सांचौर जिला यथावत की मांग, पूर्व मंत्री के नेतृत्व में धरना जारी

Jaipur

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सांचौर(रॉयल पत्रिका)। राज्य सरकार द्वारा सांचौर जिले को खत्म करने के विरोध में सांचौर संघर्ष समिति के तत्वावधान में पूर्व राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहार प्रति दिन धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन दिया जा रहा है। ज्ञापन में बताया कि प्रदेश की वर्तमान सरकार ने पूर्व सरकार द्वारा घोषित सांचौर जिले को निरस्त कर दिया गया। जिसको लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर सांचौर जिले को पुनः बहाल करने की मांग की। इस दौरान धरने को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री सुखराम विश्नोई ने कहा है कि सांचौर जिला बनने से जिला मुख्यालय नजदीक होने पर आमजन लोगों के सभी जिले स्तर के कार्य जल्द होने लगे व आर्थिक बोझ भी ज्यादा नहीं रहा। सांचौर जिले को निरस्त करने पर लोगों में आक्रोश है। ऐसी स्थिति में जब तक जिला पुनः घोषित नहीं होता है तब तक धरना जारी रहेगा। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष भीमा चौधरी ने कहा कि सांचौर का हर वर्ग बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक जिले को बहाल करने की मांग कर रहा है। वहीं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। हिन्दुसिंह चौहान ने कहा कि सरकार को सभी वर्गों की भावनाओं को देखते हुए जनहित में जिले को बहाल करने पर सकारात्मक विचार कर निर्णय लेना चाहिए। सांचौर जिले को 28 दिसम्बर 2024 को निरस्त कर दिया गया है। परन्तु डींग, खैरथल व संलुम्बर जिले जो आबादी के हिसाब से सांचौर जिले के करीब-करीब बराबर है। डींग जिले की भरतपुर जिले से दूरी 35 किमी दूर, खैरथल जिला अलवर जिले से मात्र 45 किमी दूर व संलुम्बर जिला उदयपुर जिले से 70 किमी दूर है। जबकि सांचौर जिला जालौर जिले से अनकरीब 145 किमी दूर व अतिम गांव आकोडिया, रणखार करीब 250 किमी दूर है जिसको देखते हुए सरकार ने सांचौर वासियों के साथ अन्याय किया है। भाजपा सरकार को सांचौर जिला- निरस्त नहीं करने के बारे में भी चेताया था, किसी भी लोक कल्याणकारी सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि जनहित में लिए गए निर्णय किसी भी सरकार ने लिए हो प्रत्येक आने वाली सरकारे उन कार्यों को आगे बढ़ाती है, परन्तु वर्तमान भाजपा सरकार ने पिछले डेढ़ साल से व्यवस्थित तरीके से चल रहे सांचौर जिले को निरस्त कर बहुत बड़ी भुल की है। ऐसे में सांचौर जिले को पुनः बहाल कर यथावत रखा जाए। अन्यथा जब तक जिला सांचौर पुनःघोषित नही होता तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

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