राजस्थान के एडवोकेट मनीष शर्मा एडवोकेट कोटे से बने राजस्थान उच्च न्यायालय के नए न्यायाधीश, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी एवं विधि मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। राजस्थान उच्च न्यायालय को एक और नए वकील कोटे से न्यायाधीश मिल गया है। वकील कोटे से एडवोकेट मान्यता प्राप्त शर्मा को उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन से उनकी मान्यता जारी हुई, जिसके बाद विधि मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना जारी की। मनीष शर्मा राजस्थान हाई कोर्ट के जयपुर बेंच में प्रैक्टिस करते थे। पहले राजस्थान हाई कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम की थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने भी उनके नाम पर मुहर लगा दी। राष्ट्रपति ने इस सॉसेज को दी मंजूरी, दिया अंतिम रूप। नव नियुक्त न्यायाधीश मनीष शर्मा ने एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद 1993 में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया था। वे अब तक राजस्थान हाईकोर्ट में सिविल मामलों के विशेषज्ञ के रूप में पैरवी कर रहे थे। मनीष शर्मा सोमवार (19 फरवरी) को उच्च न्यायालय में न्यायाधीश पद की शपथ ले सकते हैं। उनके शपथ लेने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 34 हो जाएगी। हालांकि राजस्थान हाईकोर्ट में जजों के 50 पद हैं। ऐसे में इस नियुक्ति के बाद भी जजों के 16 पद खाली रहेंगे।राजस्थान हाईकोर्ट में अभी तक पूरे 50 पदों पर कभी भी नियुक्ति नहीं हुई है। जिसके चलते अदालतों में बड़ी संख्या में मुकदमे लंबित हैं।
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