Loading...

अलवर में 3 साल पहले भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला

Jaipur

Follow us

Share

  • पूर्व कलक्टर नन्नूमल पहाडिया के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई रद्द

जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। सड़क निर्माण कंपनी से मासिक बंधी मांगने व लेने से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस गणेशराम मीणा की बेंच ने अलवर के पूर्व कलक्टर नन्नूमल पहाडिया के खिलाफ एसीबी कोर्ट में चल रही कार्रवाई को रद्द करने के आदेश दिए है। इस संबंध में पहाडिया की ओर से दायर आपराधिक याचिका में कहा कि तथ्यों और साक्ष्य से उस पर रिश्वत मांगने या लेने का आरोप साबित नहीं होता है। शिकायतकर्ता का कोई काम भी उसके पास लंबित नहीं था। ट्रेप कार्रवाई में रुपए सह आरोपी भू-प्रबंध अधिकारी अशोक सांखला के चालक नितिन शर्मा से बरामद हुए हैं। इसकी 22 अप्रैल, 2022 को शिकायत देने से पूर्व ही उसका अलवर कलक्टर पद से 13 अप्रैल को तबादला होकर 18 अप्रैल को कार्यमुक्त हो चुका था। कहानी पर विश्वास भी कर लिया जाए तो भी मामला केवल धोखाधड़ी का बनता है।
यह था मामला :
केसीसी बिल्डकॉन कंपनी के प्रतिनिधि ने 22 अप्रैल, 2022 को एसीबी में रिपोर्ट दी थी कि उसकी कंपनी दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेस वे ग्रीन फील्ड मार्ग का निर्माण कर रही है। जिसका काम सुचारू चलाने की एवज में अलवर कलक्टर नन्नूमल पहाडिया मासिक 4 लाख और भू-प्रबंध अधिकारी अशोक सांखला मासिक 50 हजार रुपए रिश्वत मांग रहे हैं। एसीबी ने सांखला के चालक नितिन शर्मा को रंगे हाथों ट्रेप किया था। उसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर चालान पेश किया गया। जबकि वह कलक्टर पद पर ही नहीं था। प्रार्थी का कोई काम भी लंबित नहीं था। बातचीत में भी रिश्वत मांगने का कोई साक्ष्य नहीं था। सरकार की ओर से कहा गया कि सह आरोपी सांखला ने पहाडिया के लिए ही रिश्वत ली थी और जांच में आरोप प्रमाणित मानकर चालान पेश हो चुका है। ऐसे में याचिका खारिज की जाए।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।