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कविता

Jaipur

हमको हमारे नाम से बुलाया ना करो जी हो जाएंगे बदनाम यूं पुकारा ना करो जी ख़दशा हो देखने का... Read more Read More

गजल

Jaipur

जब सुबह चमन में वजू करके आती है गुल खारो-पत्तों का शबनम से मुँह‌ धुलाती है   उतरती है शफक... Read more

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ग़ज़ल

Jaipur

वो मरता नहीं है फिर भी वो ज़िन्दा नहीं होता कहीं कर्ज़ा नहीं होता कहीं सूखा नहीं होता बड़ी क़िस्मत... Read more

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