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संपादकीय

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बेगम जीनत महल का जन्म 1823 में हुआ था और वह मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की बेगम थीं। 1857 की क्रांति में उन्होंने बहादुर शाह जफर को अंग्रेजों के खिलाफ संग्राम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया और स्वतंत्रता सेनानियों को संगठित कर उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा था कि ग़ज़लें कहने का नहीं बल्कि सैनिकों का साथ देने का समय है। 1858 में अंग्रेजों ने बादशाहत खत्म… Read More

भारत रत्न: अरुणा आसफ अली, आजादी के आंदोलन की प्रमुख सेनानी

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अरुणा आसफ अली (1909-1996) स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख सेनानी थीं, जिन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में मुंबई के गोवालीया टैंक मैदान पर तिरंगा फहराकर अंग्रेजों को चुनौती दी। महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह में भी भाग लिया और कई बार जेल गईं। उन्हें 1997 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। अपने योगदान के लिए उन्हें 'ग्रैंड ओल्ड लेडी ऑफ इंडियन फ्रीडम स्ट्रगल' कहा जाता है।

बैगम अनीस किदवई जिनकी देशभक्ति के महात्मा गांधी भी मुरीद थे.

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बैगम अनीस किदवई का जन्म 1906 में बाराबंकी के देशभक्त परिवार में हुआ। उन्होंने पर्दे के पीछे रहते हुए भी उर्दू और अंग्रेजी साहित्य में ज्ञान प्राप्त किया। 1920 में शफी अहमद किदवई से विवाह किया। 1947 में उनके पति की सांप्रदायिक हमले में हत्या के बाद उन्होंने गांधीजी का साथ देने के लिए बुर्का छोड़ दिल्ली आकर पीड़ितों की मदद का बीड़ा उठाया। रफी अहमद किदवई की मृत्यु के…

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इजराइल उत्तरी गाजा से सेना हटाएगा एवं हमास बंधकों को रिहा करेगा।

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ईरान से युद्ध में तबाही देखने के बाद इजराइल ने पहली बार गाजा में हमास के खिलाफ चल रहे 21 महीने पुराने युद्ध को विराम देने की मंशा जताई है। अब इजराइल उत्तरी गाजा से सेना हटाएगा और हमास कुछ इजरायली बंधकों को रिहा करेगा। कतर और मिस्र की मध्यस्थता से 60 दिन के युद्धविराम की तैयारी है।

इज्ज़त भी गई, पैसा भी खर्च हुआ और मनमानी भी नही हो पाई अमेरिका की !

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ईरान-इज़राइल संघर्ष के बाद अमेरिका की वैश्विक प्रभुता सवालों के घेरे में है। दशकों तक मुस्लिम देशों पर हावी रहने वाला अमेरिका अब ईरान और तुर्किए की सैन्य शक्ति के आगे कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।

विश्व में ज्यादातर लोग हिटलर बनना चाहते है!

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विश्व में आज हर स्तर पर ताकतवरों द्वारा कमजोरों पर दमन किया जा रहा है — परिवार से लेकर राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मंच तक। लोकतंत्र, धर्म और नैतिकता के नाम पर हो रही ज्यादती एक नए ‘हिटलर युग’ की ओर इशारा करती है, जहाँ हर कोई बस शासन करना चाहता है, इंसाफ़ नहीं देना चाहता।

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राज्य सरकार की प्राथमिकता परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर

– राजस्थान रोडवेज का बदलेगा परिदृश्य, सुविधायुक्त होंगी बसें और बस स्टैंड, सुरक्षित और सुविधायुक्त परिवहन – भविष्य के अनुरूप... Read more

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