“ख्वाजा गरीब नवाज़ की दरगाह की हालत पर– अब खामोशी मुनासिब नहीं”
जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव डॉ. मोहम्मद शोएब ने बताया की अजमेर शरीफ की दरगाह हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह का वो मुक़द्दस मक़ाम है, जहाँ लाखों लोग हर साल अकीदत और मोहब्बत के साथ हाज़िरी देने आते हैं। यह दरगाह हमारी गंगा-जमुनी तहज़ीब और इंसानियत की मिसाल है। मगर आज इस रूहानी मरकज़ की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब वहां हादसे होने का भी ख़तरा मंडरा रहा है। कुछ वक़्त पहले छज्जा गिर चुका है, अब प्लास्टर जगह-जगह से गिर रहा है, जिससे ज़ायरीन की जान को खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद अब तक कोई बड़ा क़दम नहीं उठाया गया है।
दरगाह से जुड़े ख़ादिम बार-बार प्रशासन को चिट्ठियाँ लिख रहे हैं, लेकिन कोई असर नहीं हो रहा। तमाम तरह की व्यवस्थागत लापरवाही साफ़ झलक रही है, जो इस मुक़द्दस जगह की शान के बिल्कुल ख़िलाफ़ है। ये सब कुछ उस जगह हो रहा है जहाँ लोग अमन, बरकत और रहमत की तलाश में आते हैं। हमारे साथी विधायक रफीक़ खान ने इस पर प्रधानमंत्री को खत लिखकर तवज्जोह दिलाने की कोशिश की है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी इस हालत पर गहरी फिक्र जताई है।

मैं सरकार से मांग करता हूं कि इस पवित्र जगह के लिए खास बजट और स्कीम का ऐलान हो, तामीर व तरक़्क़ी के काम फौरन शुरू हों और वक्फ संपत्तियों की देखरेख में पारदर्शिता लाई जाए।

ये सिर्फ एक दरगाह नहीं, बल्कि हमारी मिल्ली और तहज़ीबी विरासत है। एक ऐसा मुक़ाम जहाँ हर मज़हब, हर तबक़े के लोग अदब से सिर झुकाते हैं। इसलिए इसकी हिफाज़त और तरक़्क़ी के लिए आवाज़ उठाना सिर्फ मुसलमानों की नहीं, बल्कि पूरे मुल्क के हर ज़िम्मेदार नागरिक की ज़िम्मेदारी है।
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