ईदगाह इलाके में मवेशियों के अवशेषों की बदबू से यहां के निवासी परेशान!
-नगर निगम से की शिकायत, जनता में आक्रोश
जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। ईदगाह इलाके में जो मवेशियों के अवशेष (हड्डियां) जमा होते हैं, उनकी बदबू से आस-पास के निवासी काफी परेशान हैं। सुबह मस्जिद जाने वाले, ईदगाह जाने वाले, खोले के हनुमान जी मंदिर जाने वाले और राहगीरों ने कई बार शिकायत की है। फिर भी आबादी क्षेत्र में ट्रक खड़ा करके मवेशियों के अवशेष (हड्डियां) इकट्ठी की जाती है। जिनकी दुर्गंध से बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग बीमार तक हो रहे हैं। हड्डियों को इकट्ठा करने वाला ट्रक ईदगाह के पास दिल्ली हाईवे पर खड़े होते हैं। आश्चर्यजनक रूप से आसपास स्कूल, हॉस्पिटल, मस्जिद, कब्रिस्तान एवं मंदिर मौजूद है। नगर निगम प्रशासन क्यों कार्यवाही नहीं करता है समझ से बाहर है? जबकि नगर निगम में लगातार लोगों द्वारा शिकायत की जा रही है।

वार्ड 76 के पार्षद सोहैल मंसूरी का कहना है हमने कई बार निगम को पत्र लिखा लेकिन निगम ने चालान काट कर व्यापारी को छूट दे दी।पार्षद के विरोध पर एक बार ट्रक प्रशासन द्वारा वहां से हटाए भी गए लेकिन फिर वापस लगने लगे। पार्षद ने आरोप लगाया कि नगर निगम हेरिटेज के कर्मचारी इन हड्डी व्यापारियों से मिले हैं।
क्षेत्र के लोगों ने पार्षद के खिलाफ विरोध जताया , लोगो का साफ़ कहना है हड्डियों के ट्रक जिस व्यापारी के लगते हैं वह पार्षद और निगम से मिला हुआ है, यहाँ कोई ध्यान नहीं दिया जाता। आम नागरिकों का कहना है कि सुबह मॉर्निंग वॉक और श्रद्धालु खोले के हनुमान जी जाते हैं हड्डियों की दुर्गंध आती है जिससे रहना और गुज़रना दूभर हो गया है। कब्रिस्तान की दीवार से लग कर यह गाड़ियाँ खड़ी होती हैं , मुस्लिम समाज का कब्रिस्तान है लेकिन जब यह गाड़ियाँ वहाँ पूरे दिन खड़ी रहती हैं जिससे चूहे और जानवर वहाँ रहते हैं और हड्डियाँ, अवशेष कई बार क़ब्रिस्तान में फैला देते हैं ,चूहे खोद देते हैं जिससे कब्रों को नुक़सान होता है।

नगर निगम हेरिटेज के कर्मचारियों का कहना है कि हमने कई बार व्यापारी को नोटिस दिया, चालान भी काट दिए हैं। जिसके जवाब में व्यापारी ने छोटे मजदूर और रोज़गार का हवाला देकर निगम से अनुमति माँगी कि कुछ घंटे कुछ दिन उसे गाड़ी लगाने की अनुमति दी जाए।
जबकि नगर निगम हेरिटेज के पशु प्रबंधक विभाग के कर्मचारियो का कहना है कि, स्थानीय लोग इसमें क्या कर रहे हैं, वह लगने क्यों दे रहे हैं अब इसमें गौर करने वाली बात यह है कि निगम तो ख़ुद इस मामले में नदारद नज़र आ रहा है और उल्टा स्थानीय लोगों को कह रहा है कि वह लोग क़दम उठाएँ। यह कैसा प्रशासन है जो ख़ुद आम जानता से अपील कर रहा है?
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।
