असम सरकार की नीतियां अल्पसंख्यक विरोधी – डॉ. शाहबुद्दीन
जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। एसडीपीआई (SDPI) के उपाध्यक्ष डॉ. शाहबुद्दीन ने आज असम में चल रही ताजा घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की नीतियों को एकतरफा और अल्पसंख्यक विरोधी बताया है। डॉ. शाहबुद्दीन ने कहा कि असम में जिस तरह से नागरिकों को बार-बार एनआरसी, डिटेंशन सेंटर, और कथित अतिक्रमण जैसे बहानों पर मानसिक व सामाजिक उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है, वह पूरी तरह संविधान के मूल अधिकारों का उल्लंघन है। यह न केवल मानवाधिकारों का हनन है, बल्कि देश की एकता और भाईचारे को तोड़ने की साजिश भी है। उन्होंने कहा, “एसडीपीआई असम की जनता के साथ खड़ी है, खासकर उन गरीब, मजदूर और अल्पसंख्यक परिवारों के साथ जिन्हें बार-बार शंका के घेरे में डालकर उनके अस्तित्व पर सवाल खड़ा किया जा रहा है।”
डॉ. शाहबुद्दीन ने मांग की कि:

राज्य में हो रही बेदखली की कार्रवाइयों को तुरंत रोका जाए।
असम में सभी नागरिकों को संवैधानिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
मानवाधिकार संगठनों और न्यायपालिका की निगरानी में निष्पक्ष जांच करवाई जाए।

अल्पसंख्यकों को राजनीतिक रूप से निशाना बनाना बंद किया जाए।
उन्होंने सभी सामाजिक और जन संगठनों से अपील की कि वे एकजुट होकर असम के पीड़ितों के साथ खड़े हों और लोकतंत्र की रक्षा करें।
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