रेल परियोजना की डीपीआर के लिए 10 करोड़ स्वीकृत
क्षेत्र में खुशी की लहर, पूर्व मंत्री ने सांसद बेनीवाल का जताया आभार
सांचौर, (रॉयल पत्रिका)। जैसलमेर-बाड़मेर-सांचौर भाभर रेल परियोजना के लिए भारत सरकार द्वारा सामरिकऔर विकास दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही नई रेल लाइन लम्बे इंतजार के बाद बड़ी राहत की खबर आई है। लगभग तीन दशक से लंबित इस रेल प्रोजेक्ट के लिएरेल मंत्रालय ने 10 करोड़ रूपए की लागत से अंतिम स्थान सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की मंजूरी दे दी है। यह रेल लाइन पश्चिमी राजस्थान को गुजरात और दक्षिण भारत से जोड़ने का वैकल्पिक, छोटा और तेज मार्ग बनेगी। उक्त प्रोजेक्ट को लेकर बाड़मेर-जैसलमेर-बालोतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल की पैरवी की जा रही थी। रेल मंत्री से सीधी मुलाकात के साथ-साथ संसदीय स्थायी समिति की बैठकों में भी सांसद ने इस योजना की मजबूती से पैरवी की थी। रेल मंत्रालय से मिली स्वीकृति के तहत 380 किलोमीटर लम्बी इस प्रस्तावित रेल लाइन के लिए 9.50 करोड़ रूपए की लागत से सर्वे होगा, जबकि जैसलमेर के सोनू से रामगढ़ तक 20 किलोमीटर की अतिरिक्त रेल कनेक्टिविटी के लिए 50 लाख रूपए मंजूर किए गए है। कुल 10 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत डीपीआर तैयार करेगा। इस अहम स्वीकृति के लिए रेल संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल का पूर्व राज्यमंत्री सुखराम विश्नोई ने आभार जताया है। विश्नोई ने कहा कि यह परियोजना लम्बे समय से सांचौर व नेहड़ क्षेत्रवासियों की मांग रही है। उन्होनें स्वयं जुलाई 2021 और अप्रैल 2023 में रेल मंत्री से मुलाकात कर रेल मार्ग का सर्वे कर इसे मंजूरी प्रदान करने की पुरजोर मांग की थी। उन्होनें बताया कि रेल मंत्री वैष्णव ने मांग को गम्भीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे। वहीं सांसद बेनीवाल ने भी इसके लिउ सतत प्रयास किए। विश्नोई ने कहा कि इस रेल परियोजना से न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों की जनता को यातायात में सुविधा मिलेगी, बल्कि यह सामरिक दृष्टि से भीअहम होगी। बड़ी संख्या में जैसलमेर-बाड़मेर-सांचौर क्षेत्र के लोग देशभर में व्यवसाय कर रहे है, उनके लिए यह रेल लाइन वरदान साबित होगी। इसके अतिरिक्त नर्मदा के पानी से क्षेत्र में भरपुर फसल उत्पादन हो रहा है, जिसे अभी छोटे वाहनों के जरिए भेजा जाता है, लेकिन इस परियोजना से किसानों को अपनी फसल को बड़ी मंडियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पथमेड़ा गोशाला, रणखार कंजर्वेशन पार्क जैसे पर्यटन स्थलों को भी इससे नया आयाम मिलेगा। विद्यार्थियों, व्यापारियों व उद्यमियों के लिए यह परियोजना रोजगार, शिक्षा व व्यापक के नए द्वार खोलेगी।
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