जनगणना 2027 के बाद परिसीमन की संभावना बढ़ी
- सांसद और विधायको को तलाशने होंगे नए निर्वाचन क्षेत्र
- परिसीमन निष्पक्ष हुआ तो जयपुर शहर में बढ़ सकती है मुस्लिम विधायकों की संख्या, यदि परिसीमन में राजनीतिक पक्षपात हुआ तो घट भी सकती है ?
जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। देश में जनगणना 2027 के बाद लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन की संभावना है। परिसीमन के बाद देश में लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या करीब 20 प्रतिशत बढ़ने के कयास लगाए जा रहे है। मौजूदा निर्वाचन क्षेत्रों का स्वरूप बदल जाएंगा और वर्तमान विधायकों और सांसदों के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। परिसीमन के बाद महिला आरक्षण 33 प्रतिशत को भी लागू किया जा सकता है। राजस्थान विधानसभा भवन में 246 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है। इसलिए विधानसभा में परिसीमन के बाद विधायकों की बढ़ी संख्या के बाद भी कोई परेशानी नही आने वाली है। लेकिन असल परेशानी मौजूदा विधायको और सांसदों को आने वाली है। ज्यादातर विधायको को जाति, समुदाय एवं आरक्षित सीटों के हिसाब से टिकिट मिलता है। परिसीमन के बाद कौनसी सीट आरक्षित हो जाए और कौनसी सीट सामान्य श्रेणी की रहे, कोई पता नहीं है। ऐसी स्थिति में मौजूदा विधायकों एवं सांसदों को फिर से टिकिट प्राप्त करने और जीतने में मुश्किल पेश आ सकती है। लोकसभा और विधानसभाओं का पुर्नसीमांकन के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के नेतृत्व में परिसीमन आयोग बनाया जाता है जिसमे राज्यों से एक-एक विधायक सदस्य होता हैं। कहने को तो परिसीमन कानूनसंमत और नियमों के आधार पर किया जाता है लेकिन पूर्व में हुए परिसीमन का आकलन किया जाए तो इनमे राजनीतिक पक्षपात साफ झलकता है। साफ सुधारा और नियमों के अनुसार विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन करना देश की बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाएंगी। इसलिए माना यही जा रहा है कि परिसीमन तो होगा लेकिन जाति, वर्ग, धर्म एवं राजनैतिक जरूरतों के हिसाब से किया जाएगा।
जयपुर में बढ़ जाएंगी मुस्लिम विधायकों की संख्या- जयपुर शहर में मुसलमानों की करीब 10 लाख से ज्यादा आबादी है। वर्तमान में 3 विधानसभा सीट मुस्लिम बाहुल्य सीट मानी जाती है जिनमें आदर्शनगर, किशनपोल और हवामहल विधानसभा सीट शामिल हैं। सिविल लाईन, बगरू और विद्याधर नगर विधानसभा सीटों पर प्रत्येक में 50 हजार के करीब वोटर है। ऐसी स्थिति में माना जा रहा है कि यदि जनगणना 2027 के बाद और विधानसभा चुनाव 2029 से पहले विधानसभा सीटों का परिसीमन हुआ तो कम से कम 4 विधानसभा सीट ऐसी होगी जहां से मुस्लिम विधायक चुनाव जीतकर विधानसभा जा सकते है। यदि परिसीमन में राजनीतिक पक्षपात हुआ तो फिर से दो मुस्लिम विधायक जीतना भी मुश्किल हो सकता है। जैसे जयपुर नगर निगम वार्डो का परिसीमन किया जा रहा है। नगर निगम चुनाव 2021 में जयपुर हेरीटेज चुनाव में करीब 30 पार्षद जीतकर आए थे लेकिन जिस तरह वर्तमान में वार्डो का पारिसीमन किया गया है उससे तो लगता है आगामी निगम चुनाव में जयपुर में 8-9 पार्षद जीतकर आ जाए तो भी काफी होगा।
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