खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री ने अजमेर में की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
— खाद्य सुरक्षा से कोई भी पात्र व्यक्ति नहीं रहे वंचित

जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सुमित गोदारा की अध्यक्षता में बुधवार को अजमेर कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अजमेर एवं ब्यावर जिलों के रसद विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में गिव अप अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर लोक बन्धु ने जिले की प्रगति से अवगत कराया। गोदारा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 26 जनवरी से राज्य में नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ा जा रहा है। इस दिशा में सक्षम व्यक्तियों द्वारा स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ त्यागने के लिए नवाचार के रूप में गिव अप अभियान प्रारंभ किया गया है। इससे वंचित परिवारों को लाभ मिलेगा। अब तक प्रदेशभर में लगभग 20 लाख 71 हजार लाभार्थियों ने इस योजना का लाभ स्वेच्छा से छोड़ा है। उन्होंने कहा कि इस संख्या को 35 लाख तक पहुंचाने के लिए समस्त अधिकारियों को तेजी से कार्य करना चाहिए। इससे राज्य को केवल गेंहु वितरण से ही 378 करोड़ की वार्षिक बचत होगी। रसोई गैस सब्सिडी, मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना तथा दुर्घटना सुरक्षा योजना के माध्यम से होने वाली बचत अतिरिक्त है। इसमें अजमेर एवं ब्यावर जिले से लगभग 76 हजार व्यक्तियों ने लाभ स्वेच्छा से छोड़ा।
मंत्री गोदारा ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से राज्य में 35 लाख नए पात्र लाभार्थियों को योजना में शामिल किया गया है। आगामी एक माह में इस संख्या को 50 लाख किया जाएगा। नए लाभार्थियों की संख्या 60 लाख तक पहुंचाने का सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्राथमिकता वंचित परिवारों को योजना का लाभ दिलवाना है। इनमें अजमेर एवं ब्यावर से एक लाख 21 हजार लाभार्थी जुड़े हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गिव अप संख्या को अजमेर में 77 हजार से बढ़ाकर 1.25 लाख तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। इससे आगामी समय में और अधिक पात्र लाभार्थी योजना से लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि खाद्य सुरक्षा से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे। इसके लिए गिव अप अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जाए और सभी सक्षम व्यक्ति स्वेच्छा से लाभ त्याग कर गरीबों को उनका हक दिलाएं। राज्य के लिए 4 करोड़ 46 लाख की सीमा केंद्र द्वारा निर्धारित की गई है। इसमें लगभग 16 लाख स्थान रिक्त हैं। इस माह लगभग 50 लाख नए लाभार्थी जुड़ जाएंगे।
बैठक में गिव अप के तहत दिए गए नोटिस की कार्रवाई को अपर्याप्त मानते हुए कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही फील्ड में जाकर जनसंपर्क के माध्यम से लोगों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। पुष्कर क्षेत्र एवं पीसांगन क्षेत्र के कार्यों में तेजी लाने के साथ ही सीधी मॉनिटरिंग की जाएगी। निरीक्षण कार्यों को नियमित किया जाए और प्रत्येक निरीक्षक प्रतिदिन कम से कम एक दुकान का निरीक्षण करें। अपात्र लाभार्थियों से अंतिम अवसर के बाद अपात्र लाभों की वसूली भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत चार योजनाओं का लाभ सम्मिलित है। इसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं, मुख्यमंत्री रसोई गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना के अंतर्गत प्रत्येक परिवार को साल में 12 सिलेंडर 450 रुपए में, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत निःशुल्क चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना बीमा योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपए का मुआवजे का लाभ मिलता है।
उन्होंने जिला रसद अधिकारियों को निर्देशित किया कि साप्ताहिक समीक्षा बैठकें आयोजित करें। यह समीक्षा बैठक प्रत्येक शुक्रवार को होनी चाहिए। जिले में कार्यरत प्रवर्तन अधिकारी एवं निरीक्षकों के मध्य कार्यों का समानुपातिक रूप से वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए तत्काल आदेश निकाले जाने चाहिए। प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रेषित करें और अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाए। साथ ही जिन क्षेत्रों में वांछित प्रगति नहीं हो रही है वहां के अधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।
बैठक में एनएफएसए के लंबित आवेदनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। पात्र आवेदनों का शीघ्र सत्यापन कर उन्हें योजना से जोड़े जाने के लिए ब्लॉक स्तर पर गठित समितियों द्वारा त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। यह कार्य आकस्मिक परिस्थिती में नाम जुड़वाने के लिए राज्य सरकार ने जिला कलक्टर को अधिकृत किया गया है। रिक्त दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया 2 माह में पूरी कर ली जाएगी।

मंत्री गोदारा ने कहा कि राजस्थान में गिव अप एक नवाचार के रूप में उभरा है। इससे खाद्य सुरक्षा सूची पारदर्शी और सटीक रूप से तैयार हो रही है। इससे वास्तव में ज़रूरतमंद गरीबों को उनका हक मिल रहा है। जनप्रतिनिधी एवं प्रशासनिक अधिकारी इस अभियान को प्राथमिकता दें। पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर अजमेर दक्षिण विधायक अनीता भदेल, ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत, मसूदा विधायक वीरेंद्र सिंह कानावत, नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा, अतिरिक्त खाद्य आयुक्त पूनम सागर सहित रसद विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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