राजस्थान में नवंबर 2025 में एक साथ होंगे सभी नगर निकाय चुनाव: ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की तैयारी पूरी
जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य के शहरी प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए घोषणा की है कि नवंबर 2025 में राज्य के सभी 305 नगर निकायों में चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। यह निर्णय ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ नीति के तहत लिया गया है, जिससे न केवल चुनावी प्रक्रियाएं सरल होंगी, बल्कि विकास कार्यों में आचार संहिता के कारण बार-बार आने वाले अवरोध भी समाप्त होंगे।
क्या है ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’?

‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ यानी एक राज्य में सभी निकायों के चुनाव एक ही समय पर कराना। अब तक नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों के चुनाव अलग-अलग समयों पर होते थे, जिससे हर कुछ महीनों में आचार संहिता लागू हो जाती थी और सरकारी योजनाएं एवं विकास परियोजनाएं प्रभावित होती थीं।
अब सरकार इस नीति के माध्यम से चुनावों को एक बार में सम्पन्न कर, प्रशासनिक लागत में कमी, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, और सुदृढ़ विकास कार्यों के लिए समय सुनिश्चित करना चाहती है।
किस प्रकार होंगे यह चुनाव?
राजस्थान में 10 नगर निगम, 34 नगर परिषदें और 261 नगरपालिकाएं हैं। अब इन सभी के चुनाव एक साथ नवंबर 2025 में कराए जाएंगे। इसके लिए:
वार्ड परिसीमन (Delimitation) का कार्य प्रगति पर है।
मतदाता सूची का पुनरीक्षण अगस्त तक पूरा होगा।
ईवीएम की व्यवस्था के लिए पड़ोसी राज्यों से संपर्क किया गया है।
मतदान केंद्रों की संख्या तय की जा रही है — निगमों में प्रति वार्ड 5-10 और परिषदों/पालिकाओं में प्रति वार्ड 1 केंद्र प्रस्तावित है।
जयपुर, जोधपुर और कोटा में पुनर्गठन की तैयारी
राज्य सरकार ने तीन प्रमुख शहरों — जयपुर, जोधपुर और कोटा — के नगर निगमों को फिर से एकीकृत (reunify) करने की योजना बनाई है। गौरतलब है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 2019 में इन शहरों के निगमों को दो-दो भागों में विभाजित किया था। अब बीजेपी सरकार इसे “विकास कार्यों में समन्वय लाने” और “प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने” के उद्देश्य से पुनः एकीकृत करने जा रही है।
सरकार का तर्क और विपक्ष की प्रतिक्रिया
सरकार का पक्ष:
स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने विधानसभा में कहा कि,
“एक साथ चुनाव कराना न केवल प्रशासनिक रूप से व्यवहारिक है, बल्कि इससे जनता के पैसे की भी बचत होगी।”
विपक्ष की आपत्ति:
कांग्रेस ने इसे ‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया से छेड़छाड़’ बताते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की है। याचिका में कहा गया है कि अलग-अलग समय पर चुनी गई स्थानीय सरकारों को एक साथ समाप्त करना संविधान के अनुच्छेद 243U का उल्लंघन है।
हाईकोर्ट ने सरकार से 4 हफ्तों में जवाब देने को कहा है।
सम्भावित चुनाव कार्यक्रम (संभावित)
चरण प्रक्रिया अपेक्षित तिथि
1 वार्ड परिसीमन पूरा जुलाई 2025
2 मतदाता सूची अद्यतन अगस्त 2025
3 अधिसूचना जारी सितंबर 2025
4 नामांकन और स्क्रूटनी अक्टूबर 2025
5 मतदान और परिणाम नवंबर 2025
इस निर्णय का प्रभाव
चुनावी खर्च में कमी
आचार संहिता से बार-बार रुकने वाले विकास कार्यों पर लगाम

योजनाओं की गति और पारदर्शिता में सुधार
नगर निगमों के पुनर्गठन से बेहतर नगरीय प्रशासन
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