कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वक्फ संशोधित बिल के विरोध में नहीं बोले
- कांग्रेस को मुसलमानों के सिर्फ वोट चाहिए
जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। देश का सबसे चर्चित वक्फ बिल संशोधित बिल 2025, संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बन चुका है। संसद में एनडीए और इंडिया गठबंधन एवं विपक्ष के सांसदों के पक्ष-विपक्ष में जबरदस्त बहस देखने को मिली। भाजपा सांसदों ने वक्फ संशोधित बिल के पक्ष में दलीलें दी और वक्त जमीनों के विकास एवं अतिक्रमण मुक्त कराने वाले वाला बताया। भाजपा के साथी पार्टी जेडीयू और टीडीपी सांसदों ने भाजपा की केंद्र सरकार का पूरा समर्थन किया। जबकि जेडीयू ने नीतीश कुमार और टीडीपी के चंद्रबाबू नायडू मुसलमानों के समर्थन से मुख्यमंत्री बन पाए हैं। लेकिन वक्फ संशोधित बिल पास कराने के लिए उन्होंने मुसलमानों का साथ छोड़ दिया। देश के मुसलमानों के लिए नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू से ज्यादा आश्चर्यजनक रहा कि देश में कांग्रेस के लिए झोली भर-भर कर वोट देने के बावजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वक्फ संशोधित बिल का विरोध करना उचित नहीं समझा। उन्होंने बिल के विरोध में एक भी शब्द नहीं बोला। सांसद प्रियंका गांधी तो बहस के वक्त संसद में उपस्थित ही नहीं थी। जबकि उनके क्षेत्र वायनाड में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के वोटर हैं। इससे लगता है कि राहुल गांधी सिर्फ मुसलमानों के वोट लेने की राजनीति करते हैं मुसलमान के मुद्दों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
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