हाफ़िज़ असरार फलाही को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत
कोटा, (रॉयल पत्रिका) सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद अरशद ने बयान जारी कर बताया कि राजस्थान की जानी मानी शख्सियत हाफ़िज़ असरार फलाही को सुप्रीम कोर्ट ने हत्या की साजिश के मामले में बड़ी राहत दी है। हाफ़िज़ असरार फलाही कई दीनी और मिल्ली तंजीमों से जुड़े रहे हैं। साल 2022 में उनके गांव में हुई एक हत्या में उनपर साजिश का आरोप लगा था। अरशद के अनुसार आरोप झूठा था तो इसी बुनियाद पर राजस्थान हाईकोर्ट ने उन्हें 2023 में अग्रिम जमानत दे दी थी। इस ज़मानत को रद्द करवाने के लिए मृतक के परिजन सुप्रीम कोर्ट चले गये थे। सुप्रीम कोर्ट ने 05 मार्च 2025 को एडवोकेट अन्सार इन्दौरी , एडवोकेट मुकेश और एडवोकेट अजीत कसवा की दलीलों को स्वीकार करते हुए परिजनों की याचिका ख़ारिज कर हाफिज असरार की ज़मानत को जारी रखा है। सुप्रीम कोर्ट में सभी अधिवक्ताओं ने अपनी दलील में कहा कि घटना के वक्त आरोपी मौके पर मौजूद नहीं था। न ही उसने किसी तरह की साजिश रची है। हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद से ही आरोपी जांच में सहयोग कर रहा है। मुकदमे में सुनवाई शुरू हो चुकी है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता द्वारा ज़मानत रद्द किए जाने के संबंध में कोई ठोस दलील और सबूत सुप्रीम कोर्ट में नहीं रखे गए। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद असरार फलाही की ज़मानत को रद्द करने से इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मुमताज अहमद, सादिक अहमद, शब्बीर भाई कबाड़ी, अब्दुल रहीम, हाजी वसीम अहमद, एम ए नईम, ज़ाकिर हुसैन सहित कई लोगों ने खुशी ज़ाहिर की है।
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