गरीबों का हक़ छीन कर अमीरों को देने की तैयारी
16 दुकानों पर है फर्जी वाडा, क्या संज्ञान लेंगे मुख्यमंत्री ?

सादिक हिन्दुस्तानी

जयपुर(रॉयल पत्रिका)। सांगानेर नगर निगम प्रशासन ने क्यों नहीं की सही पैरवी,1991मे लिया 33 वर्ष पुराना कोर्ट स्टे अभी तक कारगर साबित कैसे हो रहा है। सांगानेर नगर निगम प्रशासन ने अभी तक जिरह क्यों नहीं की। क्या था पैसों का खेल ? या लापरवाही। कोर्ट को गुमराह क्यों किया गया? क्या था असल मकसद, सांगानेर की जनता के बीच चर्चा का विषय है। 33 वर्षों से थड़ी लगा कर अपनी जीविका चला रहे आठ थड़ी वाले सांगानेर नगर निगम प्रशासन से जवाब मांग रहे और पूछ रहे हैं कि जहां आठ थड़ी लगाने की जगह नहीं थी। वहां 16 दुकान बना कर फर्जी धन्ना सेठों पर कैसे उपकार किया जा रहा है। जिनका वर्षो से पता नहीं था। ऐसे में 14 फर्जी नाम कहां से आ गए। बरसों से काबिज आठ थड़ी लगाने वालों- शंकर फ्रूट भंडार, खुशबू नाश्ता भंडार, मनु पान भंडार, विनोद पतासी वाला, भवानी गाना रस, पंडित टी स्टॉल, टुक टुक जूस वाला, और सुरेश नाश्ता भंडार की थड़ी मौजूद हैं। हमारी मांग है कि सांगानेर नगर निगम प्रशासन ने 16 दुकान बनाने से पहले जो वीडियो ग्राफी करवाई गई थी। उसमें जिसकी भी थड़ी लगी है,उसको ही दुकान अलाटमेंट की जाएं। सांगानेर नगर निगम प्रशासन एवं राजस्थान सरकार इस फर्जीवाड़े को शीघ्र रोके। वरना हमारा जीना ही दुश्वार हो जाएगा। कोई भी अनहोनी घटना घटित हो सकती है। इसकी पूरी जिम्मेदारी सांगानेर नगर निगम प्रशासन की होगी। गरीबों की जीविका उजाड़ कर गरीबों का भला नहीं किया जा सकता। सांगानेर निगम निगम प्रशासन को थोड़ा तो नियम कायदों का ध्यान रखना चाहिए। सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास पर चलने वाली यह पांच इंजन की सरकार है। फिर भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कर्मस्थली सांगानेर में गरीब थड़ी वालों पर अत्याचार हो रहा है। सांगानेर विधायक और मुख्यमंत्री भजनलाल पर सबको भरोसा है। वरना 25 वर्षों से मौजूद गरीब थड़ी वाले कंगाल हो जाएंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्वाचन क्षेत्र में नगर निगम प्रशासन की मनमानी यदि ऐसे ही चलती रही तो प्रदेश में सरकार का संदेश सही से नहीं जाएगा। अब देखना है कि 16 दुकानों के फर्जीवाड़े पर क्या मुख्यमंत्री संज्ञान लेंगे?
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