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राजस्थान वक़्फ़ ट्रिब्यूनल में पीठासीन अधिकारी मेडिकल अवकाश पर

जयपुर

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वक़्फ़ बोर्ड में सम्पदा अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने से हज़ारों पक्षकारों को तारीख पे तारीख

अख्तर खान अकेला

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जयपुर। राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड ट्रिब्यूनल और वक़्फ़ सम्पदा अधिकारी के विवादों के निस्तारण के लिए कुछ दिनों से तारीख पे तारीख की व्यवस्था से राजस्थान भर के हज़ारों, हज़ार पक्षकार दुखी है। वक़्फ़ बोर्ड गंभीर नहीं।  वक़्फ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल वहीद नक़वी इस मामले में पेश कर सकते है हाईकोर्ट में जनहित याचिका । राजस्थान वक़्फ़ सम्पत्ति और वक़्फ़ प्रबंधन से उपजे विवादों के सैकड़ों विवाद निस्तारण के इन्तिज़ार में हैं । राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड ट्रिब्यूनल में पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति तो हुई है, लेकिन मेडिकल ग्राउंड पर वह अवकाश पर है, जबकि सम्पदा अधिकारी की तो काफी महीनों से नियुक्ति ही नहीं हुई है। ऐसे में वक़्फ़ ट्रिब्यूनल और सम्पदा अधिकारी के समक्ष विचाराधीन सैकड़ों मुक़दमों का निस्तारण होने की जगह तारीख पे तारीख ही मिल रही है।  बार एसोसिएशन वक़्फ़ जयपुर के अध्यक्ष अब्दुल वहीद  नक़वी इस मामले में गंभीर हैं। उन्होंने सम्पदा अधिकारी की नियुक्ति और वक़्फ़ ट्रिब्यूनल में पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर रहने के दौरान लिंक कोर्ट को सुनवाई का कार्यभार देने के मामले में माननीय राजस्थान उच्च न्यायलय के समक्ष ज्ञापन भी दिया है।  राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड कार्यालय में स्थित,, वक़्फ़ ट्रिब्यूनल में राजस्थान भर की वक़्फ़ सम्पत्ति के वाद विवादों का निस्तारण को लेकर सुनवाई होती है। वहां वक़्फ़ प्रबंधन में पक्षपात, मनमानी वक़्फ़ क़ानून के उलंग्घन और वक़्फ़ सम्पत्तियों के विवादों के निस्तारण के लिए सैकड़ों मामले सुनवाई के लिए नियत हैं। पिछले काफी समय से वहां पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति तो हुई है, लेकिन उनके मेडिकल कारणों से अवकाश पर रहने के कारण कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई अटकी पढ़ी है। इसका नुकसान राजस्थान भर की वक़्फ़ सम्पत्तियों के विवादों  के निस्तारण के लिए उम्मीद लगाए बैठे वादी और प्रतिवादि। जबकि सम्पदा अधिकारी का पोस्टिंग है। ही नहीं, वहां भी, वक़्फ़ सम्पत्ति अतिक्रमण, क़ब्ज़ा लेने जैसे कई विवाद पेंडिंग है।  जब पुराने विवादों का ही निस्तारण तारीख पे तारीख की परिपाटी की भेंट चढ़ा है, तो फिर नए मुक़दमों के दर्ज होने, कोई आदेश होने का तो प्रश्न ही पैदा नहीं हो पा रहा है।

यह सब इस पर है के वक़्फ़ बोर्ड में एक तो विधायक है, जिन्होंने इस मामले में आज तक विधानसभा में कोई प्रश्न ही नहीं उठाया, कोई डिमांड ही नहीं की,, एक प्रशासनिक अधिकारी है, जिन्होंने सरकार को इस तकलीफ से आगाह ही नहीं कराया,, एक बार कौंसिलर है जिन्होंने राजस्थान हायकोर्ट जज से सीधे मुलाक़ात कर वक़्फ़ ट्रिब्यूनल में नियमित रोज़मर्रा सुनवाई हो और अवकाश की स्थिति में उक्त वक़्फ़ बोर्ड ट्रिब्यूनल का लिंक किसी सक्षम अधिकारी को निस्तारण के अधिकारों के साथ विधि अनुसार दिया जाए, इस मामले में कोई खास क़दम नहीं उठाया है।  वक़्फ़ बोर्ड ने पूर्व में आयोजित वक़्फ़ बोर्ड की बैठकों में इस समस्या पर कोई प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार और माननीय राजस्थान हाईकोर्ट को प्रस्ताव भेजकर इस समस्या के समाधान का प्रयास ही नहीं किया है।

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खेर राजस्थान भर के दूर दराज़ ज़िलों की वक़्फ़ सम्पत्तियों के विवादों के निस्तारण के इन्तिज़ार में बैठे आम लोगों को जो नुकसान हो रहा है उसकी भरपाई तो सम्भव नहीं है। लेकिन वक़्फ़ बोर्ड ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। अब्दुल वहीद नक़वी अध्यक्ष वक़्फ़ बार एसोसिएशन जयपुर ने इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट को पत्र लिखकर इस समस्या के समाधान की आवाज़ बुलंद की है, जबकि आवश्यकता पढ़ने, पर वक़्फ़ सम्पदा अधिकारी की नियुक्ति किये जाने और वक़्फ़ ट्रिब्यूनल में नियमित सुनवाई, उपस्थिति और किसी अवकाश की मजबूरी पर, लिंक जज की नियुक्ति को लेकर माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका पेश करने का निर्णय भी ले लिया है। वक़्फ़ बोर्ड बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल वहीद नक़वी वक़्फ़ सम्पत्ति के विवादों के निस्तारण मामलों के अधिवक्ताओं की राजस्थान के हर जिले, हर नगर क्षेत्र में  भी हर जिला स्तर पर जिला, क़स्बा स्तर पर एडवोकेट प्रतिनिधि पदाधिकारियों की नियुक्ति की योजना बना रहे है ताकि समस्त राजस्थान के हर ज़िले में वक़्फ़ मामलों से जुड़े अधिवक्ताओं को भी इस वक़्फ़ बार से जोड़ कर क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान और विचार विमर्श के लिए ज़िम्मेदारों की टीम बनाई जा सके,,, अब्दुल वहीद नक़वी राजस्थान बार कौंसिल अनुशासन समिति के सहवृत सदस्य भी रह चुके है, वे अपने वकील साथियों की टीम के साथ, आम जनता की जनहित योजनाओं के लिए क़ानूनी व्यवस्था,  समाजसेवा के मदद के जज़्बे के साथ संघर्ष करते रहे हैं।

 

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