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करोड़ों की लागत फिर भी खस्ताहाल हाइवे एनएच 68

सांचौर

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वाहन चालकों को सता रहा हादसे का डर गड्ढ़ों की भरमार, प्रशासन मौन

सांचौर (रॉयल पत्रिका)। सांचौर से गुजर रहा नेशनल हाइवे 68 इन दिनों आसु बहा रहा है। सांचौर से गांधव के बीच करीब 45 किमी का हिस्सा गहरे गड्ढो में तब्दील हो गया है। हालात यह है कि हर किलोमीटर पर 100 से ज्यादा दो फीट गहरे बड़े-बड़े गड्ढे मिलते है। इस कारण एक घण्टे का सफर तय करने में दो गुना से भी ज्यादा समय लग रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने गड्ढे तो गांवों की गलियों में भी नही मिलते, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोज हजारों वाहन इन गडढ़ो से होकर हजारों वाहन गुजरने को मजबुर है। जानकारी के अनुसार एनएच 68 का वर्ष 2022 में करीब 32 करोड़ रूपए की लागत से पुनर्निमाण किया गया था। तीन साल में दस से ज्यादा बार पुरी तरह बिखर गया। मरम्मत के नाम पर एनएचआई विभाग हर साल 3 करोड़ रूपए खर्च करने का दावा करती है, लेकिन हकीकत यह है कि अब तक किसी तरह की ठोस कार्रवाई शुरू नही हुई है। ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि गावों की साधारण सड़कों की हालात नेशनल हाइवे से बेहतर है। अगर जल्द ही सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ तो यह मार्ग लोगों के लिए और भी खतरनाक साबित हो सकता है। जिसमें दुपहिया वाहन चालक तो अपनी जान हथेली में लेकर इस नेशनल हाइवे को पार करते है कही नजर हटते ही दुर्घटना का शिकार हो जाते है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह बदहाली सिर्फ सांचौर सीमा तक ही सीमित है। बाड़मेर बॉडर के गांधव से लेकर गुजरात सीमा गरड़ाली तक को पार करते ही जैसे गुजरात की सीमा में वाहन पहुंचा सड़क सरपट और सही हालात में नजर आती है। आखिर ऐसा सौतेला व्यवहार सांचौर की जनता के साथ क्यू ? हाइवे अपने बदहाली के आसु बहा रहा है गड्ढों की भरमार इतनी हो चुकी है कि वाहन चालक सांचौर के गुजरने के बाद दोबारा कभी सांचौर के नेशनल हाइवे पर ना आऊ। ऐसी गुहार लगा रहे है प्रशासन मौन आखिर ऐसा व्यवहार सांचौर की जनता के साथ सरकार क्यु कर रही है।

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