नगर निगम की नाकामी थडी वालों पर पड़ रही भारी
जिएं तो जिएं कैसे इस ——-?

सादिक हिन्दुस्तानी

सांगानेर (रॉयल पत्रिका)। ग्रेटर नगर निगम जोन सांगानेर प्रशासन की अदूरदर्शिता, लापरवाही, बुद्धहीनता,आदि उपनामों से परिभाषित किया जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। क्योंकि प्रशासनिक कमी के चलते 1990 की समस्या अभी तक मुंह फाड़े खड़ी हुई है। यह जटिल समस्या हल होने का नाम नहीं ले रही है। माननीय न्यायालय को हकीकत से परिचय ना करते हुए अपने निजी स्वार्थ के कारण तत्वहीन प्रमाण देकर गरीब थड़ी वालो की जीविका पर कुठाराघात किया जा रहा है। उनके जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। झूठ फरेब की बुनियाद पर लापता लोगों की पैरवी की जा रही है। उन धन्नासेठों के लिए जिनका ना कोई ठोर है न ठिकाना है। गरीबों के हित की परवाह न करते हुए सांगानेर नगर निगम प्रशासन ने उन लोगों को खुश करने के लिए और अपने हित साधने के लिए 16 दुकानों का निर्माण करा दिया। राजस्थान सरकार को अंधेरे में रखकर मुख्यमंत्री की विधानसभा सांगानेर के सीएमओ प्रशासन को गुमराह कर, गलत जानकारी देकर सिटी एस बस स्टैंड की बेश कीमती जमीन की दुर्दशा कर दी। सांगानेर की जनता की वर्षों से चली आ रही मांग को मद्देनजर रखते हुए उस जमीन पर 25-30 वर्षों से मौजूद आठ थड़ी वाले जो अपनी जीविका चला रहे हैं। उनके लिए दुकानें बनाई जाती। क्रमबद्ध तरीके से सिटी बस स्टैंड बनता, यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय बनता, दो-तीन फ्लोर पर पार्किंग बनती या वाचनालय बनता और तीसरे चौथे फ्लोर पर दुकानें बनती। राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संघी जैन मंदिर के दर्शन करने, बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों के लिए विश्राम गृह भी बन सकता था। जिससे सांगानेर नगर निगम को राजस्व की प्राप्ति होती और सांगा बाबा सर्कल की सुंदरता में चार चांद लग जाते। सांगानेर का विकास होता तथा भजनलाल सरकार का नाम होता और सांगानेर की जनता का काम होता। वर्तमान में मौजूद आठ थड़ी वाले अपनी भजन लाल सरकार से गुहार लगाते हैं की हमें शीघ्र से शीघ्र दुकान आवंटित की जाए तथा झूठ स्टे लाने बालों पर जिनका बरसों से कोई अता- पता नहीं है। उनका सख्ती से निपटारा किया जाए। इन विवादित 16 दुकानों को अवैध कब्जे से बचाया जाए। पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली करने वाले के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। इन 16 विवादित दुकानों की जयपुर कलेक्टर, ग्रेटर नगर नगर निगम आयुक्त, ग्रेटर नगर निगम महापौर, तथा सीएमओ कार्यालय के अधिकारी भी जानकारी प्राप्त कर चुके हैं। लिहाजा इसका शीघ्र समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री की विधानसभा सांगानेर के विकास में साथ दिया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर शीघ्र कार्रवाई की जाए।
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।
