Loading...

कोटा के मीट व्यापारीयों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, नगर निगम का सीलिंग आदेश निरस्त

जयपुर

कोटा मीट व्यापारी हाईकोर्ट फैसला

Follow us

Share

जयपुर (रॉयल पत्रिका) । राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर खंडपीठ ने बुधवार को कोटा के मीट व्यापारी मोहम्मद सलीम, मोहम्मद उमर और इस्लाम कुरैशी, को बड़ी राहत देते हुए नगर निगम कोटा दक्षिण द्वारा दुकान सील करने के आदेश को निरस्त कर दिया है। यह फैसला न्यायमूर्ति अनूप ढंढ ने सुनाया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अजीत कस्वा और अंसार इंदौरी ने प्रभावशाली और तथ्यों पर आधारित जोरदार पैरवी की। मीट व्यापारी मोहम्मद सलीम, मोहम्मद उमर और इस्लाम कुरैशी की दुकानो को नगर निगम ने 17 मार्च 2025 को सील कर दिया था। व्यापारीयों ने पहले नगर निगम आयुक्त व जिला कलेक्टर के समक्ष अपनी बात रखी, परंतु कोई राहत न मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अधिवक्ता अंसार इंदौरी ने बताया कि कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि नगर निगम की यह कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है और ग़ैरक़ानूनी तरीके से की गई थी। कोर्ट ने निगम के सीलिंग आदेश को विधिसम्मत नहीं मानते हुए पूरी तरह निरस्त कर दिया। गौरतलब है कि इससे पूर्व 30 मई 2025 को भी हाईकोर्ट ने मीट व्यापारी नदीम अंसारी के पक्ष में फैसला देते हुए ईद के मौके पर कोटा नगर निगम द्वारा की गई दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने तब भी स्पष्ट किया था कि धार्मिक त्योहारों के समय व्यापारियों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया जा सकता।

Advertisement

यह वीडियो भी देखे :-          https://youtu.be/rM0ZqIJCw1o

Advertisement

कोटा नगर निगम ने बीते कुछ महीनों में कई मीट दुकानों को सील कर दिया था, जिससे स्थानीय व्यापारी वर्ग में भारी असंतोष था। मोहम्मद सलीम,मोहम्मद उमर और इस्लाम कुरैशी, को बड़ी राहत देते हुए नगर निगम कोटा दक्षिण द्वारा दुकान सील करने के आदेश को निरस्त कर दिया है। यह फैसला न्यायमूर्ति अनूप ढंढ ने सुनाया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अजीत कस्वा और अंसार इंदौरी ने प्रभावशाली और तथ्यों पर आधारित जोरदार पैरवी की। मीट व्यापारी मोहम्मद सलीम, मोहम्मद उमर और इस्लाम कुरैशी की दुकान भी इसी कार्रवाई की शिकार बनी थी। लेकिन अब हाईकोर्ट के इस निर्णय से न केवल मोहम्मद उमर और इस्लाम कुरैशी, को बड़ी राहत देते हुए नगर निगम कोटा दक्षिण द्वारा दुकान सील करने के आदेश को निरस्त कर दिया है। यह फैसला न्यायमूर्ति अनूप ढंढ ने सुनाया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अजीत कस्वा और अंसार इंदौरी ने प्रभावशाली और तथ्यों पर आधारित जोरदार पैरवी की। मीट व्यापारी मोहम्मद सलीम, मोहम्मद उमर और इस्लाम कुरैशी को न्याय मिला है, बल्कि अन्य मीट व्यापारियों को भी राहत की उम्मीद जगी है। इस ऐतिहासिक फैसले में न्यायालय ने यह भी रेखांकित किया कि प्रशासनिक कार्रवाई करते समय संवैधानिक अधिकारों, विशेषकर प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत और व्यापार करने के मूल अधिकार का सम्मान किया जाना आवश्यक है। वकील अजीत कस्वा और अंसार इंदौरी की इस सफल पैरवी को कानूनी हलकों में महत्वपूर्ण जीत माना जा रहा है।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।