बाढ़ से बचाने के लिए कुदायला की खाळ से मशीन हटाएगी मलबा
खर्च की राशि फैक्ट्री संचालकों से वसूलेगा प्रशासन
सुकेत, (रॉयल पत्रिका)। सुकेत रामगंज मंडी में मंगलवार को भी दिनभर रिमझिम बारिश जारी रही। सोमवार को बारिश के बाद क्षेत्र के कई गांव व कॉलोनियों में बाढ़ के हालत बन गए थे। ऐसे में मंगलवार को भी वहां प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं की ओर से भोजन के पैकेट और सामग्री का वितरण किया गया। इसी के साथ 10 घंटे में 203 मिमी बारिश के कारण कुदायला और खैराबाद में पानी भर गया। इसका मुख्य कारण कुदायला खाळ से मलबा नहीं हटाना था। ऐसे में अब प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। बुधवार को एसडीएम के निर्देशन पर यहां पानी अधिक होने के कारण एलएनटी मशीन मंगवाकर खाळ से मलबा हटवाया जाएगा। इसके खर्च की राशि फैक्ट्री संचालकों से वसूल की जाएगी। इसके लिए मंगलवार को एसडीएम आईएएस चारू, तहसीलदार नेहा वर्मा ने टीम के साथ मौका देखा। इस दौरान कोटा स्टोन एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रहलाद बैंसला समेत अन्य भी मौजूद रहे। क्षेत्र के कुदायला खाळ में 35 से अधिक कोटा स्टोन फैक्ट्रियों की ओर से मलबा डाला जाता है। इसकी बारिश के बाद सफाई करवाई जाती है, लेकिन इस बार शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों की ओर से इस मामलेकुदायला गांव कोटा स्टोन औद्योगिक क्षेत्र के समीप स्थित है। यहां से मायला-कुदायला होते हुए खाळ निकल रहा है। इस खाळ में बारिश के समय रामगंजमंडी, खैराबाद और इसके आसपास के गांवों का पानी बहकर आता है। इससे जब भी तेज बारिश होती है तो खाळ में उफान आ जाता है। मायला से कुदायला औद्योगिक क्षेत्र होते हुए अमरपुरा, कुंभकोट में पाटली नदी और फिर आहू नदी में मिलता है। औद्योगिक क्षेत्र में खाळ के आसपास करीब 35 से अधिक कोटा स्टोन की फैक्ट्रियां लगी हुई हैं। इनका वेस्टेज पहली बार अतिवृष्टि से ही घरों में घुसा था 5 फीट तक पानी ऐसे में पहली बार अतिवृष्टि होने के बाद ही यहां बाढ़ के हालत बन गए। इससे घरों में 5 इंच तक पानी घुस गया। इस दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का ट्रैक्टर से दौरा कर अधिकारियों को खाळ से मलबा और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मलबा नहीं हटाने वाले 5 फैक्ट्री मालिकों के बिजली के कनेक्शन भी काटे गए थे। इसके बाद भी फैक्ट्री संचालकों ने मलबा नहीं हटवाया। इस कारण 28 जुलाई को फिर से कुदायला में बाढ़ आ गई। खाळ में पानी अधिक होने के कारण जेसीबी से नहीं हटाया जा सकता है। ऐसे में एलएनटी मशीन मंगवा कर खाळ से मलबा हटाया जाएगा, जिससे कि पानी की निकासी हो सके और ग्रामीणों को राहत मिल सके।
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